किन छात्रों को मिलेगा लाभ?
यह सहायता राशि परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के साथ-साथ अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों, माध्यमिक विद्यालयों और अनुदानित मदरसों में अध्ययनरत छात्रों को दी जाएगी। सरकार ने पात्रता का दायरा बढ़ाते हुए गरीबी रेखा से ऊपर के जरूरतमंद विद्यार्थियों को भी इसमें शामिल किया है।
डीबीटी के जरिए सीधे खाते में
पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से भेजी जाएगी। जिन अभिभावकों के बैंक खाते आधार से जुड़े हैं, उनमें सीधे रकम जमा होगी। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और राशि समय पर सही लाभार्थी तक पहुंचेगी।
समाज कल्याण विभाग के स्कूल भी
समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित या अनुदानित निजी प्रबंध तंत्र वाले विद्यालयों के छात्र भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। इससे बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को राहत मिलेगी जो बच्चों की यूनिफॉर्म और अन्य बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक दबाव महसूस करते हैं।
अगले सत्र की तैयारी के तौर पर कदम
हालांकि शैक्षणिक सत्र के अंतिम चरण में राशि जारी की गई है, लेकिन इसे आगामी सत्र की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। समय रहते आर्थिक सहायता मिलने से अभिभावक नए सत्र की शुरुआत से पहले बच्चों के लिए आवश्यक वस्त्र और सामग्री की व्यवस्था कर सकेंगे।
यह शिक्षा को बढ़ावा देने की बड़ी पहल
सरकार का यह कदम न केवल विद्यार्थियों को समान वेशभूषा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से है, बल्कि स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने और शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनाने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है। सीधे खाते में पैसा पहुंचने से अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत होगा। इस पहल से लाखों परिवारों को आर्थिक सहारा मिलेगा और बच्चों की पढ़ाई बिना रुकावट जारी रखने में मदद मिलेगी।

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