अधिकतम सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी
फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन ने सुझाव दिया है कि वरिष्ठ अधिकारियों की अधिकतम सैलरी को 657,300 रुपये से बढ़ाकर 812,500 रुपये किया जाए। प्रस्तावित बदलाव नए फिटमेंट फैक्टर और सैलरी स्ट्रक्चर में संशोधन पर आधारित हैं। अगर यह लागू होता है, तो उच्च पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों की सैलरी में काफी वृद्धि देखने को मिलेगी।
न्यूनतम सैलरी में सुधार
ड्राफ्टिंग कमेटी के सामने यह सुझाव भी रखा गया है कि एंट्री लेवल कर्मचारियों की सैलरी को मौजूदा 18,000 रुपये से बढ़ाकर 54,000 रुपये किया जाए। इसके लिए फिटमेंट फैक्टर 3 रखने की सिफारिश की गई है। इस बदलाव से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उनकी खरीद क्षमता में सुधार आएगा। यह कदम महंगाई और जीवनयापन की बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए सुझाया गया है।
सैलरी अंतर को कम करने
अभी 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम और अधिकतम सैलरी का रेशियो 1:14 था, जिससे उच्च और निम्न स्तर के वेतन में बहुत अंतर था। नए सुझाव के अनुसार यह रेशियो 1:8 या 1:9 रखा जा सकता है, जिससे सैलरी संरचना अधिक न्यायसंगत होगी। इससे हर स्तर के कर्मचारियों को संतुलित लाभ मिलेगा और सैलरी असमानता कम होगी।
मल्टी-लेवल फिटमेंट फैक्टर
सुझाव में मल्टी-लेवल फिटमेंट फैक्टर 3.0 से 3.25 तक रखने की बात कही गई है। यह Akroyd Formula पर आधारित है, जो चार सदस्यीय परिवार की मूल जरूरतों के आधार पर न्यूनतम वेतन तय करता है। अगर यह लागू होता है, तो लेवल 1 से लेवल 18 तक सभी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।
अंतिम प्रस्ताव और आगे की प्रक्रिया
ड्राफ्टिंग कमेटी एक सप्ताह तक सभी सुझावों की समीक्षा कर अंतिम मेमोरेंडम तैयार करेगी, जिसे 8वें वेतन आयोग को सौंपा जाएगा। इसके बाद आयोग अंतिम सिफारिश तैयार करेगा। इस बदलाव के लागू होने से चपरासी से लेकर उच्च पदों पर काम करने वाले अफसर तक सभी कर्मचारियों की सैलरी में बंपर वृद्धि संभव है।

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