6 बड़ी खुशखबरी
1 .आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च – कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के लिए 8वें वेतन आयोग की पूरी जानकारी अब ऑनलाइन उपलब्ध है।
2 .सुझाव आमंत्रित – मंत्रालयों, विभागों, न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारी यूनियनों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों से राय मांगी गई है।
3 .गोपनीयता सुनिश्चित – सुझाव देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रहेगी, और विश्लेषण केवल सामूहिक स्तर पर किया जाएगा।
4 .प्रश्नावली के जरिए भागीदारी – MyGov पोर्टल पर 18 सवालों का प्रश्नपत्र (questionnaire) उपलब्ध है। ईमेल, PDF या कागज पर भेजे गए सुझाव मान्य नहीं होंगे।
5 .वित्तीय सुधार की संभावना – आयोग की सिफारिशों के लागू होने पर सैलरी स्ट्रक्चर, भत्तों की प्रणाली और पेंशन में बदलाव हो सकता है।
6 .अंतिम तारीख तय – सभी सुझाव 16 मार्च 2026 तक जमा किए जा सकते हैं।
सुझाव देने का तरीका
आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी सुझाव MyGov पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इसमें देश की आर्थिक स्थिति, फिटमेंट फैक्टर, वरिष्ठ पदों के वेतन, वैरिएबल पे, इंक्रीमेंट सिस्टम और कर्मचारियों व पेंशनरों पर संभावित प्रभाव जैसे मुद्दों पर राय मांगी गई है।
8वें वेतन आयोग का गठन और समयसीमा
जनवरी 2025 में आयोग का गठन हुआ। 3 नवंबर 2025 को वित्त मंत्रालय ने आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। अब सरकार ने नागरिकों से राय मांगी गई है।
नए वेतन आयोग का कर्मचारियों और पेंशनरों पर असर
8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में सुधार की संभावना है। इसके अलावा पेंशन में संशोधन, इंक्रीमेंट की नई दर और आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार बेहतर संतुलन संभव हो सकता है। सरकार और कर्मचारी दोनों के लिए यह आयोग आर्थिक सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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