प्रति किलोमीटर बढ़ा भुगतान
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने जानकारी दी कि अब तक संविदा आधार पर कार्यरत चालकों और परिचालकों को 2.18 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जा रहा था। सरकार के नए निर्णय के बाद यह मानदेय बढ़ाकर 2.32 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। मानदेय में की गई यह वृद्धि बस संचालन से जुड़े कर्मचारियों को आर्थिक संबल प्रदान करेगी और उन्हें बेहतर तरीके से अपने दायित्व निभाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
ग्रामीण बस संचालन को मिलेगा मजबूती
सरकार का मानना है कि इस फैसले से ग्रामीण मार्गों पर बसों का संचालन अधिक नियमित और सुरक्षित होगा। चालकों और परिचालकों को बेहतर भुगतान मिलने से सेवा की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा, जिससे ग्रामीण यात्रियों को लगातार और भरोसेमंद परिवहन सुविधा मिलती रहेगी।
ग्रामीण यात्रियों को 20% कम किराए का लाभ
मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के तहत चलने वाली बसों का किराया साधारण बसों की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम रखा गया है। इसका सीधा फायदा ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को मिल रहा है, जिन्हें कम खर्च में सुरक्षित यात्रा की सुविधा उपलब्ध हो रही है। परिवहन मंत्री ने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि गांवों में रहने वाले लोगों को भी शहरों जैसी किफायती और सुलभ परिवहन सेवाएं मिलें।
डबल फायदा: कर्मचारी भी खुश और यात्री भी खुश
दरअसल, मानदेय बढ़ोतरी का यह फैसला एक ओर जहां चालकों और परिचालकों के लिए खुशखबरी है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण यात्रियों के लिए सस्ती और भरोसेमंद परिवहन सुविधा को भी मजबूत करता है। योगी सरकार का यह कदम ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।

0 comments:
Post a Comment