इस निर्णय के तहत नए निवेशकों को आर्थिक लाभ मिलेगा और राज्य में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल निवेशकों के लिए आकर्षक होगा, बल्कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में भी सहायक साबित होगा।
कौन-कौन से उद्योग लाभान्वित होंगे
प्रमुख सचिव स्टांप अमित गुप्ता ने गुरुवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की। इसके अनुसार, कृषि आधारित उद्योगों के लिए भूमि पर स्टांप शुल्क में विशेष छूट दी जाएगी। उदाहरण के तौर पर, संयुक्त अरब अमीरात की एक्वाब्रिज कंपनी को औद्योगिक क्षेत्र में 60 एकड़ भूमि पर स्टांप शुल्क में छूट दी गई है। इसी तरह, इनोवा एग्री फूड पार्क को जेवर एयरपोर्ट के पास यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 50 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इस भूमि पर भी स्टांप शुल्क में छूट का लाभ मिलेगा।
राज्य और किसानों को क्या लाभ होगा
विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से उत्तर प्रदेश में कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, भंडारण और निर्यात से जुड़े उद्योगों को मजबूती मिलेगी। किसानों के लिए इसका सीधा फायदा यह होगा कि वे अपनी उपज का अधिक मूल्य प्राप्त कर सकेंगे। सरकारी अधिकारी बताते हैं कि यह कदम उत्तर प्रदेश को कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
निवेशकों और राज्य के लिए नई संभावनाएँ
इस नीति से राज्य में नई नौकरियों का सृजन होगा और कृषि उद्योग में निवेश को आकर्षक बनाने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बना सकता है। उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।

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