क्या बदलाव हो सकता है?
सैलरी लिमिट में वृद्धि: वर्तमान में EPFO की सैलरी लिमिट ₹15,000 प्रति माह है, जबकि ESIC में यह ₹21,000 है। सरकार की योजना से इन लिमिटों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे अधिक नौकरीपेशा लोग इन योजनाओं के दायरे में आएंगे।
EPS पेंशन में सुधार: कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 (EPS) के तहत न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह है। नई तैयारी के तहत इसे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
न्यूनतम वेज तय करना: श्रमिकों के हित में न्यूनतम वेतन सीमा तय करने की प्रक्रिया भी केंद्र द्वारा आगे बढ़ाई जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को EPF सैलरी लिमिट संशोधन पर चार महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए. एस. चंदुरकर की पीठ ने यह आदेश सामाजिक कार्यकर्ता नवीन प्रकाश नौटियाल की याचिका पर सुनाया।
याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि देश के कई हिस्सों में न्यूनतम वेतन EPFO की वर्तमान सीमा से अधिक हो चुका है, लेकिन लिमिट में बदलाव नहीं किया गया। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और भविष्य निधि के लाभ से वंचित रखा गया।
इस संदर्भ में विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सरकार यह कदम उठाती है, तो यह करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत साबित होगा। इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क मजबूत होगा और कर्मचारी भविष्य निधि का दायरा व्यापक बन सकेगा।

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