उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में बताया कि इस योजना के तहत इलाज के खर्चे का भुगतान सीधे सरकार करेगी, जिससे कर्मचारियों को अस्पताल में पैसे की चिंता नहीं करनी होगी। इससे राज्य की स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था पहले से भी ज्यादा सशक्त और आसान बन जाएगी।
कैशलेस इलाज से मिलेगी राहत
इस कदम के बाद कर्मचारी और उनके परिवार आपातकालीन इलाज के समय वित्तीय तनाव से मुक्त रहेंगे। पहले स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत खर्च भरपाई इलाज के बाद ही होती थी, लेकिन अब गंभीर मामलों में तत्काल इलाज संभव होगा।
सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर सख्ती
सम्राट चौधरी ने यह भी घोषणा की कि सरकारी डॉक्टर अब प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे। इसके लिए सरकार जल्द ही नई नीति और कार्ययोजना लेकर आएगी। साथ ही, पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज संचालित करने की योजना भी बनाई जा रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

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