मुख्य शहर और हवाई अड्डों से जुड़ाव
यह एक्सप्रेस-वे औरंगाबाद जिले के आमस से शुरू होकर दरभंगा के बेला नवादा तक जाएगा। मार्ग में गया, जहानाबाद, पटना, वैशाली और समस्तीपुर जैसे प्रमुख जिलों को भी जोड़ा जाएगा। सबसे खास बात यह है कि यह एक्सप्रेस-वे बिहार के तीन प्रमुख हवाई अड्डों – गया, पटना और दरभंगा – को सीधे सड़क मार्ग से जोड़ेगा। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों और पर्यटन के लिए भी नया अवसर खुल जाएगा।
निर्माण की स्थिति और लागत
अब तक परियोजना का करीब 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। दरभंगा खंड में पिलर और स्ट्रक्चर का काम अंतिम चरण में है। इस परियोजना पर लगभग 5 से 6 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसे एनएचएआई की ओर से हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल के तहत बनाया जा रहा है।
यात्रा और व्यावसायिक लाभ
इस एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद गया से दरभंगा की दूरी वर्तमान में 5-6 घंटे से घटकर 2.5-3 घंटे रह जाएगी। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। इसके अलावा राज्य के लगभग 19 छोटे और बड़े शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ने से व्यापार, लॉजिस्टिक और औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। पर्यटन क्षेत्र में भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
परियोजना की पूर्णता
सरकार की योजना के अनुसार यह एक्सप्रेस-वे दिसंबर 2026 तक पूरी तरह चालू हो जाएगा। राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के साथ मिलकर दरभंगा हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी सुनिश्चित की है। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण को बिहार के आर्थिक और सामाजिक विकास में मील का पत्थर माना जा रहा है।
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