इस संबंध में जारी शासनादेश में प्रमुख सचिव होमगार्ड, राजेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि यह छूट केवल होमगार्ड स्वयंसेवक के पद पर भर्ती के लिए लागू होगी। इससे उन आश्रितों को लाभ मिलेगा, जो ऊंचाई की आवश्यकता पूरी नहीं कर पा रहे थे लेकिन अन्य सभी योग्यता मानदंड पर खरे हैं।
कोर्ट के आदेश का पालन
इस निर्णय के पीछे इलाहाबाद हाईकोर्ट का हालिया आदेश भी है। अदालत ने निर्देश दिया था कि मृतक या दिव्यांग होमगार्ड के आश्रितों को भर्ती में उचित लाभ प्रदान किया जाए। सरकार ने इसे पुलिस भर्ती प्रक्रिया के समान मानते हुए होमगार्ड भर्ती में लागू किया है।
उम्मीदवारों को मिलेगा फायदा
इस छूट से विशेष रूप से उन परिवारों को सहायता मिलेगी, जिन्होंने अपने सदस्यों को देश सेवा में खोया है या स्थायी रूप से घायल होने के कारण उन्हें आजीवन चुनौती का सामना करना पड़ा। यह कदम उन परिवारों के लिए आशा और आर्थिक सुरक्षा का माध्यम बनेगा।
भर्ती प्रक्रिया में होगी पारदर्शिता
शासनादेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि छूट का लाभ लेने वाले आश्रितों की योग्यता और पात्रता को प्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर ही सुनिश्चित किया जाएगा। यह व्यवस्था भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्यायसंगत अवसर सुनिश्चित करेगी।

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