बिहार सरकार का फैसला: राशन कार्डधारकों को राहत

पटना। बिहार सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मृतक व्यक्तियों के शवों को उनके परिजनों तक सम्मानजनक रूप से पहुंचाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। सरकार के आदेश के अनुसार, राशन कार्डधारक परिवारों, दुर्घटना में मृत व्यक्तियों और पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम के लिए लाए गए शवों के परिवहन के लिए नि:शुल्क शव वाहन उपलब्ध कराना अब अनिवार्य होगा।

स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह ने मेडिकल कालेज अधीक्षकों, सिविल सर्जनों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अस्पताल परिसर में शव वाहन उपलब्ध नहीं होने या खराब होने की स्थिति में वैकल्पिक एंबुलेंस या किराये के वाहन की व्यवस्था करना जिम्मेदार अधिकारियों का दायित्व होगा।

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि पोस्टमार्टम के दौरान शव को स्ट्रेचर, ट्राली या आवश्यकतानुसार शव वाहन से सुरक्षित रूप से पोस्टमार्टम कक्ष तक ले जाया जाए। शव को हमेशा सफेद चादर से ढक कर रखा जाएगा। अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी इस निर्देश का पालन नहीं करता है, तो विभागीय कार्रवाई करते हुए निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

व्यय और वित्तीय प्रावधान:

यदि अस्पताल में शव वाहन उपलब्ध नहीं है, तो शव परिवहन पर अधिकतम 2,000 रुपये खर्च किए जा सकते हैं। इसका भुगतान रोगी कल्याण समिति द्वारा किया जाएगा। अगर समिति के पास पर्याप्त राशि नहीं है, तो अन्य मद से भुगतान कर राज्य स्वास्थ्य समिति से बाद में समायोजन किया जाएगा।

जिले से बाहर शव परिवहन:

जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो 102 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से शव परिवहन सुनिश्चित करेंगे। 102 सेवा के तहत शवों को सम्मानपूर्वक घर या श्मशान तक पहुंचाया जाएगा।

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