तीन दिन में अचानक गिरावट
लेकिन 30 जनवरी से ही इस मार्केट में अचानक मोड़ आया। तीन दिन की तेज गिरावट में सोना 1.40 लाख रुपये से नीचे चला गया, चांदी करीब 2.25 लाख रुपये तक आ गई और कॉपर 1156 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर गया। शुक्रवार को सोना 1.55 लाख रुपये, चांदी 2.49 लाख रुपये और कॉपर 1242 रुपये पर बंद हुआ। इस तरह 8 दिनों में सोना 23%, चांदी लगभग 46% और कॉपर 18% तक गिरा।
गिरावट के कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण मुनाफावसूली और अमेरिकी डॉलर की मजबूती है। डॉलर मजबूत होने से डॉलर में कारोबार होने वाली कमोडिटीज अन्य देशों के लिए महंगी हो जाती हैं, जिससे खरीदारी कम होती है। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व बैंक के नए प्रमुख की नियुक्ति और एमसीएक्स द्वारा धातुओं पर मार्जिन बढ़ाना भी गिरावट में सहायक रहा।
निवेशकों के सवाल
इस अचानक बदलाव के बाद निवेशकों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं: क्या मौजूदा सोना और चांदी को बेच देना चाहिए? क्या अब इन्हें खरीदना सही रहेगा? क्या कॉपर में निवेश करना फायदे का सौदा है? विशेषज्ञों का मानना है कि धातुओं का बाजार अक्सर उतार-चढ़ाव भरा होता है। लंबे समय के निवेशक इस समय को अवसर के रूप में देख सकते हैं, लेकिन जो निवेश नए कर रहे हैं, उन्हें सावधानी से निर्णय लेना चाहिए।
साल 2025 की तुलना
गौरतलब है कि पिछले साल सोना 70%, चांदी 170% और कॉपर 50% से अधिक बढ़ चुका था। उस तेजी के कारण कई निवेशक इस साल की शुरुआत में भी उत्साहित थे। लेकिन जनवरी के आखिरी हफ्ते से हुई गिरावट ने निवेशकों की भावनाओं में भूचाल ला दिया।
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