क्या है ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट उस हवाई अड्डे को कहा जाता है, जिसे पूरी तरह नई और खाली भूमि पर शुरू से विकसित किया जाता है। इसमें किसी पुराने हवाई अड्डे या मौजूदा ढांचे का उपयोग नहीं होता। रनवे से लेकर टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था सब कुछ आधुनिक तकनीक के साथ नए सिरे से तैयार किया जाता है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार
इस हवाई अड्डे के बनने से सोनपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, व्यापार और उद्योगों के लिए नए रास्ते खुलेंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। होटल, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में भी तेज़ी आने की संभावना है।
राजनैतिक प्रयासों का मिला परिणाम
इस परियोजना को आगे बढ़ाने में पूर्व केंद्रीय मंत्री और सारण से सांसद राजीव प्रताप रूडी की भूमिका अहम मानी जा रही है। वे लंबे समय से सोनपुर क्षेत्र में हवाई अड्डा स्थापित करने की मांग और कोशिश करते रहे हैं। भूमि चिन्हित होने और प्रशासनिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने को उनके निरंतर प्रयासों की ठोस उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
आधुनिक और टिकाऊ निर्माण पर ज़ोर
ग्रीनफील्ड परियोजना होने के कारण इस हवाई अड्डे के निर्माण में किसी पुराने ढांचे को तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे निर्माण कार्य तेज़ी से पूरा किया जा सकेगा और आधुनिक तकनीकों का बेहतर उपयोग संभव होगा। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए टिकाऊ और इको-फ्रेंडली डिज़ाइन अपनाए जाने की योजना है, ताकि विकास के साथ प्रकृति का संतुलन भी बना रहे।
सारण के लिए होगा भविष्य की नई उड़ान
सोनपुर में बनने वाला यह ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा सारण जिले के लिए विकास का नया द्वार खोल सकता है। यह न केवल क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा करेगा। अधिकारियों के अनुसार, प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अगर सब कुछ योजना के अनुसार आगे बढ़ा, तो आने वाले वर्षों में सोनपुर बिहार के हवाई मानचित्र पर एक अहम केंद्र के रूप में उभर सकता है।

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