बिहार सरकार की बड़ी घोषणा, किसानों की हुई बल्ले-बल्ले

गया। बिहार सरकार ने किसानों के हित में एक अहम पहल करते हुए एग्रीस्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री यानी बिहार फार्मर आईडी को तेजी से लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इसी कड़ी में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गुरुवार को गया जिले के नगर प्रखंड अंतर्गत ग्राम दुबहल टोला बेलाही में आयोजित गांव स्तरीय फार्मर रजिस्ट्री कैम्प का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे संवाद किया।

बिहार में किसानों को मिलेंगे 9000 रुपये

कैम्प स्थल पर उपस्थित पीएम-किसान योजना के लाभार्थियों को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने फार्मर आईडी की उपयोगिता को विस्तार से समझाया। साथ ही  उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पीएम-किसान योजना के तहत अब प्रति किस्त 3000 रुपये दिए जाएंगे, जिससे किसानों को साल भर में 9000 रुपये की सहायता मिलेगी। इस घोषणा से किसानों में उत्साह देखा गया।

जमीन से जुड़ी समस्याएं किसानों ने रखीं

इस दौरान किसानों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं भी खुलकर सामने रखीं। कई किसानों ने बताया कि जमीन उनके नाम से न होने, नामांतरण और परिमार्जन की प्रक्रिया में देरी के कारण वे फार्मर रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे हैं। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने प्रशासन को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

प्रशासन ने दिया जल्द समाधान का भरोसा

प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि राजस्व से जुड़े मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए अंचल अधिकारी से समन्वय किया जाएगा। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष ने भी इस मुद्दे को मुख्यालय स्तर पर उठाकर जल्द कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।

जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों को बताया कि फार्मर आईडी के जरिए कृषि, बीमा, अनुदान और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही प्लेटफॉर्म से मिल सकेगा। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील की।

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