सरकार ने जारी किया आदेश, 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया अब होगी तेज़

नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) की प्रक्रिया में अब तेजी आने की उम्मीद है। सरकार ने आयोग के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए डायरेक्टर के पद पर आशीष यादव को नियुक्त किया है। यह कदम ऐसे समय में लिया गया है, जब लाखों केंद्रीय कर्मचारी अगले वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

आशीष यादव संभालेंगे निदेशक की जिम्मेदारी

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DOPT) ने इस नियुक्ति का आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, साल 2012 बैच के भारतीय रक्षा लेखा सेवा (IDAS) अधिकारी आशीष यादव को 8वें वेतन आयोग में निदेशक नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति प्रतिनियुक्ति के आधार पर और सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत की गई है।

कार्यकाल और जिम्मेदारी

सरकारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आशीष यादव की नियुक्ति 8वें वेतन आयोग के कार्यकाल तक रहेगी। इसका मतलब है कि आयोग के समाप्त होने तक वे इस पद पर बने रहेंगे। सरकार के पास यह अधिकार भी होगा कि आवश्यकतानुसार उनके कार्यकाल को बढ़ाया जा सके। आदेश में यह भी जोर दिया गया है कि आयोग के कामों में किसी भी तरह की देरी न हो। इसलिए निदेशक पद को भरने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी गई है। आशीष यादव की तैनाती व्यय विभाग के तहत की गई है।

ज्वाइनिंग के लिए तय समय

सरकार ने इस नियुक्ति के साथ कड़े निर्देश भी जारी किए हैं। नियुक्ति पत्र मिलने के तीन हफ्ते के भीतर आशीष यादव को अपना नया पद संभालना होगा। यदि वे इस समय सीमा में ज्वाइन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा, आदेश की जानकारी रक्षा सचिव और व्यय विभाग के सचिव को भी भेजी गई है, ताकि प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया सुचारू रूप से चले।

कर्मचारियों में बढ़ी उम्मीद

इस महत्वपूर्ण पद पर निदेशक की नियुक्ति से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के बीच उम्मीद की नई किरण जगी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब 8वें वेतन आयोग के काम में तेजी आएगी और वेतन, भत्तों और अन्य लाभों से जुड़ी घोषणाओं के लिए मार्ग साफ हो जाएगा।

सरकारी आदेश में यह भी कहा गया है कि व्यय विभाग के सचिव को आशीष यादव की नियुक्ति और अधिसूचना की कॉपी भेजी जाए। प्रशासनिक स्तर पर यह कदम आने वाले दिनों में कर्मचारियों के वेतन और भत्तों से जुड़े बड़े फैसलों का आधार बन सकता है।

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