नए नियमों का उद्देश्य
शिक्षा विभाग ने यह कदम उस स्थिति के बाद उठाया है, जब समीक्षा में यह पाया गया कि कुछ शिक्षण संस्थानों या उनके प्रतिनिधियों ने छात्रों को छात्रवृत्ति के नाम पर अनावश्यक आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। इस तरह की गड़बड़ी से जरूरतमंद छात्रों को नुकसान पहुँच सकता था और योजना का उद्देश्य प्रभावित हो सकता था।
आवेदन में नई शर्तें
1 .आवेदन के साथ नामांकन प्राप्ति रसीद जमा करना अनिवार्य होगा।
2 .इसमें एडमिशन नंबर, पाठ्यक्रम, सत्र, छात्र और उनके पिता का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज होना चाहिए।
3 .विश्वविद्यालय से मिली रजिस्ट्रेशन रसीद भी आवेदन सत्यापन या करार प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध कराना होगा।
4 .जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि नए नियमों का पालन सुनिश्चित करें और जिला निबंधन सह परामर्श केंद्रों में कर्मियों को इसकी जानकारी दें।
समीक्षा और कारण
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के निबंधन केंद्रों पर भारी संख्या में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा में यह सामने आया कि कई छात्रों के स्थान पर अनावश्यक या गलत आवेदन किए गए। कुछ शिक्षण संस्थानों ने निर्धारित सीटों से अधिक छात्रों का नामांकन करके ऋण आवेदन करवाए। विभागीय वेबसाइट और जिला स्तर पर बनाई गई जांच समिति इस मामले की पुष्टि कर रही है।

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