इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को सस्ता, सरल और समय पर आवास उपलब्ध कराना है। खासतौर पर उन लोगों को राहत मिलेगी जो नक्शा पास कराने की जटिल प्रक्रिया के कारण परेशान रहते थे। इसे जल्द ही लागू किया जा सकता हैं।
दो मंजिल तक घर बनाने की मिलेगी अनुमति
नई नियमावली के अनुसार गांवों में रहने वाले भू-स्वामी अपनी आवासीय या कृषि भूमि पर दो मंजिल तक मकान बना सकेंगे। यह सुविधा केवल निजी आवास के लिए होगी। दुकान, गोदाम या किसी भी प्रकार का व्यवसायिक निर्माण इस दायरे में शामिल नहीं किया गया है, ताकि नियमों का दुरुपयोग न हो।
डिजाइन और सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं की
सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मकान के नक्शे की संरचना, मजबूती और सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह भू-स्वामी की होगी। यदि भविष्य में निर्माण से संबंधित कोई तकनीकी समस्या उत्पन्न होती है, तो इसके लिए जिला पंचायत या शासन जिम्मेदार नहीं होगा। हालांकि निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित जिला पंचायत को लिखित सूचना देना जरूरी होगा।
ऑनलाइन होगी ग्रामीण नक्शा प्रणाली
शहरी क्षेत्रों की तरह अब ग्रामीण इलाकों में भी जिला पंचायत के अंतर्गत नक्शा प्रणाली को ऑनलाइन किया जाएगा। इससे न केवल प्रक्रिया पारदर्शी होगी, बल्कि भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी पर भी रोक लगेगी। पूरे प्रदेश में एक समान भवन निर्माण नियम लागू किए जाएंगे, जिससे अलग-अलग जिलों में नियमों की असमानता खत्म होगी।
संकरी सड़कें भी नहीं बनेंगी बाधा
नई व्यवस्था में सड़क की कम चौड़ाई को मकान निर्माण में बाधा नहीं माना जाएगा। हालांकि भविष्य में सड़क विस्तार की संभावना को ध्यान में रखते हुए आवश्यक चौड़ाई की भूमि नक्शे में सुरक्षित छोड़नी होगी। इससे आने वाले वर्षों में बुनियादी ढांचे के विकास में आसानी होगी।
गांवों के विकास को मिलेगी रफ्तार
इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध निर्माण पर नियंत्रण लगेगा और योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ग्रामीण आवास व्यवस्था को मजबूत करेगा और आम लोगों का भरोसा प्रशासन पर बढ़ाएगा।
जल्द लागू होंगे नए नियम
प्राधिकरण स्तर पर प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा चुका है और इसे मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। सरकार का संकेत है कि नई व्यवस्था को शीघ्र लागू किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बिना जटिलताओं के अपने मकान का निर्माण कर सकें।

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