बदलते समय के साथ खेती में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। आधुनिक मशीनों से जहां मेहनत कम होती है, वहीं उत्पादन और गुणवत्ता में भी सुधार होता है। सरकार की इस योजना का मकसद पारंपरिक खेती को आधुनिक रूप देना और किसानों की लागत घटाना है।
40 से 50 प्रतिशत तक मिलेगी सब्सिडी
सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी मशीन की कीमत के आधार पर तय की जाएगी। आमतौर पर किसानों को 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ मिलेगा। उदाहरण के तौर पर, हैप्पी सीडर मशीन की कीमत लगभग 2.60 लाख से 2.85 लाख रुपये के बीच होती है, जिस पर करीब 1.05 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। इसी तरह सुपर सीडर और स्मार्ट सीडर पर भी समान अनुपात में अनुदान दिया जाएगा। किसान पोर्टल पर उपलब्ध सब्सिडी कैलकुलेटर से अनुमानित सहायता राशि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इन किसानों को मिलेगी प्राथमिकता
योजना के तहत छोटे, सीमांत और महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि कम संसाधन वाले किसान भी आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें और उनकी खेती अधिक लाभकारी बन सके। ऑनलाइन आवेदन करते समय किसानों को 4,500 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करना होगा। यह डीडी किसान के स्वयं के बैंक खाते से बना होना चाहिए और संबंधित जिले के सहायक कृषि यंत्री के नाम से होना जरूरी है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन करते समय किसानों को निम्न दस्तावेज अपलोड करने होंगे, जैसे आधार कार्ड, मोबाइल नंबर (ओटीपी सत्यापन के लिए), बैंक पासबुक का पहला पेज, खसरा-खतौनी या बी-1 की नकल, ट्रैक्टर आरसी (यदि यंत्र ट्रैक्टर आधारित है), 4,500 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट
लॉटरी से किसानों का होगा चयन
किसानों का चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। चयन के परिणाम संबंधित पोर्टल पर ही जारी किए जाएंगे। किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए किसान अपने जिले के कृषि विभाग या सहायक कृषि यंत्री से संपर्क कर सकते हैं। यह योजना मध्यप्रदेश में खेती को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी।

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