पूरी व्यवस्था हुई डिजिटल, आसान हुआ काम
राज्य सरकार ने मोटरयान नियमावली 1998 में संशोधन करते हुए परिवहन सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब सभी महत्वपूर्ण सेवाएं जैसे लाइसेंस सुधार, रजिस्ट्रेशन और टैक्स से जुड़ी प्रक्रियाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। परिवहन विभाग के अनुसार, अब सभी कार्य सारथी पोर्टल और वाहन पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
ड्राइविंग लाइसेंस में सुधार अब ऑनलाइन
अगर किसी के ड्राइविंग लाइसेंस में जन्मतिथि गलत दर्ज है, तो अब उसे सुधारने के लिए कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करना होगा और साथ में आवश्यक दस्तावेज जैसे हाईस्कूल प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र या सीएमओ द्वारा जारी प्रमाणपत्र अपलोड करना होगा। इस प्रक्रिया से समय की बचत होगी और गलतियों को सुधारना पहले से आसान हो जाएगा।
पुराने वाहन का नंबर नए वाहन में ट्रांसफर
नए नियमों के तहत वाहन मालिक अब अपने पुराने वाहन का नंबर नए वाहन में ट्रांसफर कर सकेंगे। यह सुविधा एक वर्ष की अवधि के भीतर उपलब्ध होगी। इसके लिए वाहन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके बाद संबंधित प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। यह सुविधा वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
परमिट नियमों में भी बदलाव
परिवहन विभाग ने परमिट धारकों को भी राहत दी है। अब यदि कोई वाहन कुछ समय के लिए उपयोग में नहीं है, तो इसकी सूचना ऑनलाइन दी जा सकेगी। यह सुविधा अधिकतम तीन-तीन महीने की अवधि के लिए उपलब्ध होगी, जिससे अनावश्यक जुर्माने और प्रक्रियागत परेशानियों से बचा जा सकेगा।

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