सकरी नदी के पानी से होगा बिजली उत्पादन
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए नवादा जिले के रजौली प्रखंड में स्थित सकरी नदी के जल का उपयोग किया जाएगा। जल संसाधन विभाग ने संबंधित कंपनी को कुछ शर्तों के साथ इस परियोजना के संचालन की अनुमति प्रदान की है, जिससे कार्य को आगे बढ़ाने का मार्ग साफ हो गया है।
दो बड़ी परियोजनाओं से तैयार होगी ऊर्जा
इस योजना के तहत दो प्रमुख परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें पहली 1200 मेगावाट और दूसरी 920 मेगावाट क्षमता की होगी। दोनों मिलाकर यह परियोजना बिहार की सबसे बड़ी हरित ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल हो जाएगी।
कैसे काम करेगी पंप स्टोरेज तकनीक
यह तकनीक एक प्रकार की प्राकृतिक 'बैटरी' की तरह कार्य करती है। दिन के समय सौर ऊर्जा का उपयोग कर पानी को निचले जलाशय से ऊपरी जलाशय में पंप किया जाता है। जब बिजली की मांग बढ़ती है, तो इस पानी को नीचे गिराकर टरबाइन चलाए जाते हैं, जिससे बिजली उत्पन्न होती है।
पर्यावरण के अनुकूल और सस्ती ऊर्जा
यह पूरी परियोजना हरित ऊर्जा पर आधारित होगी, जिससे पर्यावरण पर कम प्रभाव पड़ेगा। साथ ही यह तकनीक अपेक्षाकृत सस्ती और टिकाऊ मानी जा रही है। इससे बिहार में बिजली उत्पादन के नए विकल्प विकसित होंगे और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
जल उपयोग और शर्तें तय
परियोजना के लिए सकरी नदी से सीमित मात्रा में पानी उपयोग करने की अनुमति दी गई है। गैर-मानसून अवधि में पानी का उपयोग किया जाएगा और उपयोग के बाद जल को शुद्ध करके ही नदी में वापस छोड़ा जाएगा। साथ ही निर्धारित जल-कर का भुगतान भी अनिवार्य होगा।
क्षेत्रीय विकास की उम्मीद
इस परियोजना से नवादा सहित आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। स्थानीय लोगों को विकास कार्यों से जुड़ने का अवसर मिलेगा और क्षेत्र की आधारभूत संरचना भी मजबूत होगी।
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