इस नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों को सीधे शिकायत दर्ज कराने की सुविधा देना है ताकि स्कूलों में होने वाली अनियमितताओं पर तुरंत कार्रवाई हो सके। इस कदम से बिचौलिया व्यवस्था पर भी रोक लगेगी और शिक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी।
31 मई तक पूरा करना होगा काम
शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार सभी प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को 31 मई 2026 तक स्कूल की दीवारों पर हेल्पलाइन नंबर अंकित करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा के बाद निरीक्षण के दौरान जिन स्कूलों में यह व्यवस्था नहीं मिलेगी, वहां संबंधित प्रधानाध्यापक और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
स्कूलों में बड़े अक्षरों में लिखे जाएंगे नंबर
सरकार ने निर्देश दिया है कि टोल-फ्री नंबर 14417 और 18003454417 को स्कूल परिसर के मुख्य द्वार या किसी प्रमुख स्थान पर बड़े और स्पष्ट अक्षरों में लिखा जाए, ताकि दूर से भी आसानी से दिखाई दे सके। इस पहल का मकसद यह है कि छात्र, अभिभावक या कोई भी नागरिक बिना किसी परेशानी के अपनी शिकायत सीधे राज्य स्तर तक पहुंचा सके।
किन मामलों में कर सकेंगे शिकायत
इस हेल्पलाइन के जरिए स्कूलों से जुड़ी कई समस्याओं की शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। इनमें शामिल हैं।
शिक्षकों की अनुपस्थिति या समय पर स्कूल न पहुंचना।
पढ़ाई में लापरवाही का होगा।
मिड-डे मील की खराब गुणवत्ता।
स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी।
छात्रवृत्ति, साइकिल, पोशाक और किताब वितरण में गड़बड़ी।
शिक्षा विभाग का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद उसकी जांच कर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

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