किसानों और श्रमिक परिवारों को मिल रही आर्थिक सुरक्षा
इस योजना के तहत खेती के दौरान दुर्घटना का शिकार होने वाले किसानों या उनके परिवारों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी हादसे के बाद परिवार आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट न जाए और उन्हें तत्काल राहत मिल सके।
₹4 लाख तक की सहायता का प्रावधान
सरकार की इस योजना में अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार सहायता राशि तय की गई है। यदि किसी किसान की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो परिवार को ₹4 लाख तक की सहायता दी जाती है। वहीं स्थायी अपंगता की स्थिति में ₹1 लाख और आंशिक अपंगता पर ₹50 हजार की मदद मिलती है। अंतिम संस्कार के लिए भी ₹4,000 की सहायता का प्रावधान किया गया है।
किन परिस्थितियों में मिलता है लाभ
यह योजना केवल खेत तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि से जुड़े कई कार्यों और परिस्थितियों को इसमें शामिल किया गया है। जैसे कृषि यंत्रों से काम करते समय हादसा, बिजली करंट लगना, सिंचाई के दौरान दुर्घटना, फसल छिड़काव में विषाक्त प्रभाव, मंडी में कार्य करते समय हादसा या कृषि उपज की ढुलाई के दौरान दुर्घटना होने पर इसका लाभ दिया जाता है।
आवेदन प्रक्रिया और पारदर्शी
यदि किसी किसान के साथ दुर्घटना होती है, तो परिवार को एक वर्ष के भीतर आवेदन करना आवश्यक होता है। आवेदन संबंधित क्षेत्र के जिला कलेक्टर कार्यालय में जमा किया जाता है। मंजूरी और सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी रहती है।

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