लगातार बढ़ रही लाभार्थियों की संख्या
मेरठ जिले में इस योजना का दायरा तेजी से बढ़ा है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार हजारों नई महिलाओं को योजना से जोड़ा गया है। सरकार का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है जो पति की मृत्यु के बाद या अन्य कारणों से आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में जीवन यापन कर रही हैं। आंकड़ों के अनुसार पहले जहां योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं की संख्या करीब 64 हजार थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 73 हजार तक पहुंच गई है।
हर तीन माह में आर्थिक सहायता
निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि हर तीन महीने में तीन हजार रुपये की किस्त के रूप में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। सरकार का मानना है कि यह सहायता महिलाओं के दैनिक खर्च, दवा, बच्चों की जरूरतों और अन्य आवश्यक कार्यों में मददगार साबित हो रही है।
ऑनलाइन व्यवस्था से बढ़ी पारदर्शिता
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब महिलाएं बिना ज्यादा भागदौड़ के आवेदन कर सकती हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने के बाद भुगतान में पारदर्शिता आई है और फर्जीवाड़े की संभावना भी कम हुई है। प्रशासन की ओर से गांवों और शहरों में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं ताकि पात्र महिलाएं योजना का लाभ लेने से वंचित न रहें।
महिलाओं के लिए सहारा बन रही योजना
महंगाई और बढ़ते खर्चों के दौर में यह योजना हजारों महिलाओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। जिन महिलाओं के पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है, उनके लिए यह पेंशन आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है।

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