केंद्र सरकार ने दी जानकारी, देशभर के किसानों को बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देशभर के किसानों के लिए खरीफ सीजन 2026 से पहले एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने जानकारी दी है कि आगामी खरीफ सत्र के लिए उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त है और मांग को पूरा करने के लिए मजबूत भंडार मौजूद है। सरकार के अनुसार, देश में न केवल घरेलू उत्पादन बढ़ा है बल्कि आयात के जरिए भी आपूर्ति को संतुलित रखा गया है।

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब खरीफ फसलों की बुवाई जून के मध्य से शुरू होने वाली है, और किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता की चिंता रहती है। सरकार ने उर्वरक सब्सिडी के लिए भारी बजट प्रावधान किया है, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम हो सके। इसके साथ ही यूरिया और डीएपी जैसे उर्वरकों की कीमतें भी नियंत्रित रखी गई हैं।

उर्वरकों का भंडार स्थिति में सुधार

केंद्र सरकार के उर्वरक विभाग के अनुसार, देश में उर्वरकों की कुल स्थिति फिलहाल संतोषजनक बनी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि खरीफ 2026 के लिए लगभग 390 लाख टन उर्वरक की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है, जबकि वर्तमान में करीब 200 लाख टन से अधिक का भंडार पहले से उपलब्ध है। यह आंकड़ा कुल अनुमानित मांग का 50 प्रतिशत से भी ज्यादा है, जो सामान्य स्थिति से बेहतर माना जा रहा है। आमतौर पर यह स्तर करीब एक-तिहाई होता है।

घरेलू उत्पादन और आयात दोनों में बढ़ोतरी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उर्वरक आपूर्ति को मजबूत बनाने में घरेलू उत्पादन की बड़ी भूमिका रही है। अब तक करीब 95 लाख टन उर्वरक घरेलू स्तर पर तैयार किया गया है, जबकि लगभग 22 लाख टन का आयात किया गया है। इसके अलावा, डीएपी और एनपीके जैसे प्रमुख उर्वरकों की आपूर्ति भी पहले से सुनिश्चित कर ली गई है, जिससे खरीफ सीजन में किसी तरह की कमी की संभावना कम हो जाती है।

खाद के उत्पादन क्षमता में लगातार वृद्धि

पिछले कुछ वर्षों में देश में उर्वरक उत्पादन क्षमता में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में जहां कुल उत्पादन लगभग 433 लाख टन था, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 524 लाख टन से अधिक हो गया है। इसी तरह यूरिया उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो अब 300 लाख टन से अधिक पहुंच चुका है। इससे देश की आयात पर निर्भरता कुछ हद तक कम हुई है, हालांकि मांग को पूरा करने के लिए अब भी कुछ मात्रा में आयात जरूरी रहता है।

किसानों के लिए स्थिर आपूर्ति का आश्वासन

सरकार का कहना है कि खरीफ सीजन में मांग सबसे अधिक होती है, लेकिन इस बार पर्याप्त तैयारी के कारण किसी बड़े संकट की संभावना नहीं है। तैयार उर्वरकों और कच्चे माल की नियमित निगरानी से आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर रखा जाएगा। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार की प्राथमिकता है कि वितरण प्रणाली में किसी तरह की बाधा न आए।

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