सरकार की नई नीतियों ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को न सिर्फ आर्थिक मजबूती दी है, बल्कि उन्हें तकनीक से जोड़कर उनके कार्य को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी भी बनाया है।
1. आर्थिक मजबूती से बढ़ा आत्मविश्वास
प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए मानदेय में बड़ा सुधार किया गया है। कार्यकत्रियों को ₹8,000 और सहायिकाओं को ₹4,000 मासिक मानदेय दिया जा रहा है। इसके अलावा काम के आधार पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है, जिससे उनकी आय में लगातार सुधार हो रहा है।
2. काम के आधार पर अतिरिक्त प्रोत्साहन
सरकार ने पोषण वितरण और डिजिटल कार्यों को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त इंसेंटिव की व्यवस्था की है। पोषण सामग्री का शत-प्रतिशत वितरण करने पर कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को अतिरिक्त राशि दी जाती है। साथ ही पोषण ट्रैकर पर डेटा फीड करने के लिए भी अलग से प्रोत्साहन मिलता है, जिससे काम की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
3. तकनीक से पारदर्शिता और बेहतर व्यवस्था
आंगनबाड़ी व्यवस्था को डिजिटल बनाकर फेस रिकग्निशन तकनीक लागू की गई है। इससे लाभार्थियों की पहचान सटीक हो रही है और योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच रहा है। इस प्रणाली से फर्जीवाड़े पर रोक लगी है और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ी है।
4. स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत कवच
सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाखों कर्मियों को आयुष्मान योजना से जोड़ा है। इसके तहत उन्हें ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे इन महिलाओं और उनके परिवारों को गंभीर बीमारियों के समय बड़ी राहत मिली है।

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