वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता जनता को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि केवल कागजी कार्रवाई पूरी करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।
चौपाल में सुनी जाएंगी आम लोगों की समस्याएं
सरकार की इस नई व्यवस्था के तहत हर सप्ताह ब्लॉक स्तर पर चौपाल लगाई जाएगी, जहां राजस्व विवाद, घरेलू हिंसा, अवैध वसूली, जमीन से जुड़े मामले और स्थानीय स्तर पर दर्ज न हो पाने वाली पुलिस शिकायतों को प्राथमिकता से सुना जाएगा। साथ ही सरकारी योजनाओं से वंचित पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी यहीं से शुरू होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन चौपालों के संचालन के लिए जल्द ही विस्तृत एसओपी जारी की जाएगी। प्रत्येक आवेदन की निगरानी की जाएगी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। खास बात यह है कि जनपद स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी चौपाल में अनिवार्य रहेगी, ताकि मौके पर ही फैसले लिए जा सकें।
आईजीआरएस और हेल्पलाइन शिकायतों पर सख्ती
बैठक में मुख्यमंत्री ने आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को हल्के में न लिया जाए। सिर्फ औपचारिक जवाब देकर मामलों को बंद करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।

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