चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती महीनों में ही यहां कई बड़ी कंपनियों को उद्योग लगाने की अंतिम मंजूरी मिल चुकी है। इन परियोजनाओं के जरिए करीब 812.5 करोड़ रुपये का निवेश आने जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर तैयार होंगे।
सीमेंट फैक्ट्री बनेगी सबसे बड़ा प्रोजेक्ट
मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेश महवल सीमेंट फैक्ट्री के रूप में होने जा रहा है। करीब 573 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्लांट इलाके के औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाएगा। इस परियोजना के शुरू होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा डूमरिया क्षेत्र में 85 करोड़ रुपये की लागत से डेयरी प्रोडक्ट यूनिट स्थापित की जाएगी। इससे दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों को भी सीधा फायदा मिल सकता है।
बायोगैस और आधुनिक उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
बरियारपुर इलाके में 56 करोड़ रुपये के निवेश से कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट लगाया जाएगा। यह परियोजना ऊर्जा और पर्यावरण दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वहीं लखनऊ की एक कंपनी यहां 50 करोड़ रुपये की लागत से पीईबी फैब्रिकेशन यूनिट स्थापित कर रही है। डूमरिया में आधुनिक फर्नीचर उद्योग की भी शुरुआत होने जा रही है, जिसमें लगभग 17 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों का नया केंद्र बनेगा बरियारपुर
बरियारपुर क्षेत्र अब सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यहां एल्युमीनियम एक्सट्रूजन यूनिट, एलईडी निर्माण इकाई और आयरन गुड्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट जैसी परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। इन उद्योगों के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर छोटे व्यापार और सप्लाई चेन को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही आसपास के जिलों के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलने के अवसर बढ़ेंगे।
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