प्रशासकों की नियुक्ति की तैयारी
पंचायती राज विभाग ने मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रस्ताव में कहा है कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद पंचायतों का कामकाज सुचारु रूप से चलाने के लिए प्रशासकों की नियुक्ति की जाए या प्रशासनिक समितियों का गठन किया जाए। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार पंचायती राज एक्ट 1947 की धारा 12(3A) के तहत यह कदम उठा सकती है। इस व्यवस्था के अंतर्गत किसी एक व्यक्ति को प्रशासक बनाया जा सकता है या फिर पंचायत संचालन के लिए एक समिति गठित की जा सकती है। आमतौर पर ऐसी समितियों में स्थानीय प्रतिनिधियों और पंचायत सदस्यों को शामिल किया जाता है।
पंचायत चुनाव 2027 में होने की संभावना
रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव अगले साल 2027 में कराए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनावों के बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल सरकार वोटर लिस्ट को अंतिम रूप देने और आरक्षण तय करने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि पंचायत चुनाव के लिए नई मतदाता सूची तैयार की जा रही है और जून महीने तक इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है। इसके बाद आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने पर चुनाव कार्यक्रम तय किया जाएगा।
OBC आरक्षण पर आयोग करेगा फैसला
पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लेकर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। योगी सरकार ने OBC आरक्षण तय करने के लिए आयोग गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह आयोग करीब छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। रिपोर्ट आने के बाद पंचायत चुनाव में आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। माना जा रहा है कि इसी प्रक्रिया में समय लगने के कारण पंचायत चुनाव आगे बढ़ सकते हैं।
गांवों में बढ़ी राजनीतिक हलचल
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने की खबर से गांवों में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। संभावित उम्मीदवारों ने अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दी है। कई जगहों पर स्थानीय स्तर पर बैठकों और जनसंपर्क अभियान का दौर भी शुरू हो चुका है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंचायत चुनाव 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले ग्रामीण राजनीति का बड़ा केंद्र बन सकते हैं। ऐसे में सभी दल गांवों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुट गए हैं।

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