वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी चल रही है। दोनों देशों ने आने वाले पांच वर्षों में आपसी व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में भारत और कनाडा के बीच लगभग 8.4 अरब डॉलर का व्यापार होता है।
कनाडा दौरे पर जाएंगे पीयूष गोयल
एफटीए वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल 25 से 27 मई तक कनाडा के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान उनकी कनाडा के प्रधानमंत्री और वहां के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से अहम बैठकें होंगी। इस यात्रा में करीब 150 भारतीय उद्यमियों का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा, जो कनाडाई कंपनियों के साथ निवेश और व्यापार के अवसरों पर चर्चा करेगा।
भारत को ऊर्जा क्षेत्र में मिलेगा बड़ा लाभ
कनाडा दुनिया के बड़े तेल, गैस, यूरेनियम और महत्वपूर्ण खनिज उत्पादक देशों में शामिल है। ऐसे में भारत को ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिल सकती है। सरकार का मानना है कि कनाडा से तेल, गैस और यूरेनियम की खरीद बढ़ने से भारत के परमाणु ऊर्जा मिशन को भी गति मिलेगी। इसके अलावा महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता से तकनीक और उद्योग क्षेत्र को भी फायदा होगा।
भारतीय उद्योगों को मिलेगा नया बाजार
इस संभावित समझौते से भारत के कई प्रमुख उद्योगों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वैलरी, लेदर, इंजीनियरिंग गुड्स और फार्मा सेक्टर के निर्यात में बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कनाडा जैसे विकसित देश के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत होने से भारतीय कंपनियों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलेगी।
भारत में बढ़ सकता है कनाडाई निवेश
फिलहाल 600 से अधिक कनाडाई कंपनियां भारत में कारोबार कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 1000 तक पहुंचाने का है। कनाडा की बड़ी अर्थव्यवस्था और वहां की उच्च आय क्षमता को देखते हुए भारतीय कंपनियों के लिए भी वहां व्यापार विस्तार के अच्छे अवसर बन सकते हैं।
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