बिहार सरकार का बड़ा फैसला, पशुपालकों के लिए 4 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने पशुपालकों, डेयरी किसानों और मत्स्य पालकों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में कई अहम निर्देश दिए, जिनका सीधा फायदा राज्य के ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े लोगों को मिलेगा। इस नई पहल से पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में बड़े स्तर पर बदलाव की उम्मीद की जा रही है।

उन्नत नस्ल के पशुओं से बढ़ेगी आमदनी

सरकार ने तय किया है कि राज्य के पशुपालकों को कांफेड के माध्यम से उन्नत नस्ल की गाय, भैंस और बकरी उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य पशुपालन की गुणवत्ता सुधारना और दूध उत्पादन को बढ़ाना है। बेहतर नस्ल के पशु मिलने से किसानों की आमदनी में सीधा इजाफा होगा और डेयरी उद्योग को मजबूती मिलेगी।

दूध उत्पादन में तीन गुना बढ़ोतरी का लक्ष्य

समीक्षा बैठक में सबसे बड़ा लक्ष्य दूध उत्पादन को लेकर रखा गया है। अभी जहां सुधा के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 40 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है, वहीं इसे बढ़ाकर 1.25 करोड़ लीटर प्रतिदिन करने का निर्देश दिया गया है। इस लक्ष्य के पूरा होने पर बिहार देश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में शामिल हो सकता है।

मछली उत्पादन को मिलेगा बड़ा विस्तार

मत्स्य पालन क्षेत्र को भी नई दिशा देने की योजना है। राज्य में मछली उत्पादन को 9 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 25 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही बिहार की मछली को नेपाल और अन्य सीमावर्ती राज्यों के बाजारों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया है, जिससे मत्स्य पालकों को बड़ा बाजार मिलेगा।

महिलाओं को मिलेगा विशेष लाभ

सरकार ने इस योजना में महिला पशुपालकों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी और वे स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।

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