बिहार सरकार का बड़ा कदम, बुजुर्गों के लिए 1 नई खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहल की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को उनके घर पर ही खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य उन बुजुर्गों को राहत देना है, जिन्हें राशन लेने के लिए जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों तक पहुंचने में कठिनाई होती है।

पायलट प्रोजेक्ट की तैयारी तेज

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने अधिकारियों को इस योजना के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि लाभार्थियों को समय पर और बिना किसी परेशानी के राशन उनके घर तक पहुंचाया जाए।

पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर

बैठक में मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया और खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। साथ ही सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

जन वितरण प्रणाली में सुधार के निर्देश

मंत्री ने यह भी कहा कि जन वितरण प्रणाली की दुकानों में खाली पदों को जल्द से जल्द भरा जाए, ताकि व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके। उन्होंने खाद्यान्न आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

लापरवाह ट्रांसपोर्टरों पर सख्त कार्रवाई

बैठक में यह भी तय किया गया कि खाद्यान्न आपूर्ति में देरी या लापरवाही करने वाले ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि लाभुकों को समय पर अनाज मिलना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

खरीद और भंडारण व्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस

गेहूं और दलहन की खरीद प्रक्रिया की समीक्षा के दौरान मंत्री ने सहकारिता विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पीपीपी मॉडल के तहत गोदाम निर्माण की संभावनाओं पर विचार करने को कहा, ताकि राज्य में भंडारण क्षमता को और मजबूत किया जा सके।

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