इंजीनियरिंग छात्रों को मिलेगा प्रैक्टिकल एक्सपोजर
प्राविधिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में इस नई योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार चाहती है कि छात्र पढ़ाई के दौरान ही उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीकों और कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकें। इसी योजना के तहत सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों को एक्सप्रेसवे, टनल और डैम जैसी बड़ी परियोजनाओं का भ्रमण कराया जाएगा।।
वहीं मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्रों को ईवी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और अन्य औद्योगिक संस्थानों का दौरा कराया जाएगा ताकि वे नई तकनीकों और आधुनिक मशीनों की कार्यप्रणाली को व्यावहारिक रूप से समझ सकें।
रोजगार के बेहतर अवसरों पर जोर
सरकार तकनीकी छात्रों के प्लेसमेंट को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के प्लेसमेंट पोर्टल से अब तक 8 हजार से ज्यादा छात्रों को जोड़ा जा चुका है। इससे युवाओं को स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
AI और नई तकनीकों पर रहेगा फोकस
तकनीकी शिक्षा को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पाठ्यक्रमों पर भी काम शुरू किया गया है। इंफोसिस सहित कई संस्थानों के सहयोग से नए जमाने की तकनीकों पर आधारित कोर्स विकसित किए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में एआई और ऑटोमेशन आधारित नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ेगी, इसलिए छात्रों को अभी से इन क्षेत्रों में प्रशिक्षित करना जरूरी है।
संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने पर भी ध्यान
बैठक में तकनीकी संस्थानों की रैंकिंग और गुणवत्ता सुधार को लेकर भी चर्चा हुई। नैक, एनआईआरएफ और एसआईआरएफ जैसी रैंकिंग प्रणालियों की समीक्षा करते हुए संस्थानों में फैकल्टी भर्ती और प्लेसमेंट व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत बताई गई।

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