दिल्ली से लेकर हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख तक होने वाली इन बैठकों में वेतन संरचना, भत्तों और पेंशन सुधार जैसे अहम मुद्दों पर मंथन किया जाएगा। माना जा रहा है कि आने वाले समय में वेतन और पेंशन व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
8वें वेतन आयोग के 10 बड़े अपडेट
1. देशभर में शुरू हुआ कंसल्टेशन फेज
आयोग अब विभिन्न कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों से सुझाव लेने की प्रक्रिया में है।
2. कई शहरों में होगी अहम बैठकें
13-14 मई 2026 को नई दिल्ली में रेलवे और डिफेंस संगठनों के साथ बैठक होगी, जबकि 18-19 मई को हैदराबाद और जून में श्रीनगर व लद्दाख में चर्चाएं होंगी।
3. करोड़ों लोगों पर असर
इस आयोग की सिफारिशों का असर लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स पर पड़ने की संभावना है।
4. फिटमेंट फैक्टर पर बड़ी मांग
बता दें की कई कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर को 3.8 से 3.833 तक बढ़ाने की मांग रखी है, जबकि वर्तमान में यह 2.57 है।
5. न्यूनतम सैलरी बढ़ाने की मांग
यूनियनों ने न्यूनतम बेसिक सैलरी को ₹65,000 से ₹69,000 तक करने का प्रस्ताव दिया है, जो वर्तमान ₹18,000 से काफी अधिक है।
6. पेंशन सुधार पर जोर
कई संगठनों के द्वारा पेंशन स्ट्रक्चर में सुधार, समान पेंशन भुगतान और महंगाई से जोड़ने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।
7. वार्षिक इंक्रीमेंट में बढ़ोतरी
वर्तमान 3% वार्षिक इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 5% से 6% करने का सुझाव दिया गया है।
8. प्रमोशन सिस्टम में सुधार
प्रमोशन प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के साथ यूनिफाइड पे मैट्रिक्स लागू करने की मांग की गई है।
9. भत्तों में बढ़ोतरी की मांग
HRA, TA और रिस्क अलाउंस जैसे भत्तों को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है, खासकर तकनीकी और डिफेंस कर्मचारियों के लिए।
10. आयोग की संभावित समयसीमा
सरकार ने जनवरी 2025 में आयोग के गठन की घोषणा की थी, और माना जा रहा है कि इसकी सिफारिशें 2027 के मध्य तक सामने आ सकती हैं।
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