बिहार में जमीन रजिस्ट्री के 2 नए नियम, 38 जिलों में होंगे लागू

पटना। बिहार में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार 15 जुलाई से रजिस्ट्री व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस यानी डिजिटल किया जाएगा।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद आवेदन से लेकर दस्तावेजों की जांच और रजिस्ट्री की कॉपी प्राप्त करने तक का काम ऑनलाइन माध्यम से पूरा किया जाएगा। इससे लोगों को रजिस्ट्री ऑफिस के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।

अब ऑफलाइन कागजात से नहीं होगी रजिस्ट्री

नई व्यवस्था के तहत 15 जुलाई के बाद रजिस्ट्री कार्यालयों में कागजी दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया खत्म हो जाएगी। जमीन खरीदने या बेचने वाले लोगों को जरूरी जानकारी और दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। इसके बाद विभाग के अधिकारी डिजिटल माध्यम से दस्तावेजों की जांच करेंगे। इससे प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और तेज होने की उम्मीद है।

मोबाइल पर रजिस्ट्री की डिजिटल कॉपी

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि रजिस्ट्री पूरी होने के बाद लोगों को दस्तावेज की कॉपी लेने के लिए कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। निबंधन विभाग रजिस्टर्ड डीड की डिजिटल कॉपी का लिंक आवेदक के मोबाइल नंबर पर भेजेगा। लोग अपने मोबाइल से ही इसे डाउनलोड कर सुरक्षित रख सकेंगे।

सभी जिलों में किया गया परीक्षण

पूरे बिहार में लागू करने से पहले इस डिजिटल सिस्टम का परीक्षण सभी जिला रजिस्ट्री कार्यालयों में किया गया। ट्रायल सफल रहने के बाद अब इसे राज्यभर में लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। विभाग का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था से पुराने दस्तावेजों को संभालने की परेशानी भी कम होगी।

लोगों को मिलेंगे ये फायदे

पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था से आम लोगों को कई सुविधाएं मिलने की उम्मीद है:

ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मिलेगी

दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया आसान होगी

समय की बचत होगी

रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा

जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी

फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी

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