इस परियोजना के पूरा होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने में काफी आसानी होगी। साथ ही दिल्ली-NCR और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
74.3 किलोमीटर लंबा होगा नया लिंक एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 74.3 किलोमीटर होगी। इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को लगभग 4,000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करने का अनुमान है। यह पूरी तरह नया और आधुनिक एक्सप्रेसवे होगा, जहां बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था के लिए एक्सेस कंट्रोल सिस्टम रखा जाएगा।
बुलंदशहर से जेवर एयरपोर्ट तक सफर आसान
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा बुलंदशहर और आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा। एक्सप्रेसवे बनने के बाद बुलंदशहर से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने में काफी कम समय लगेगा। यह लिंक रोड पश्चिमी यूपी को सीधे एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से जोड़ेगी, जिससे यात्रियों के साथ-साथ कारोबारियों को भी फायदा होगा।
6 लेन से शुरू होगा इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण
जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे को शुरुआती चरण में 6 लेन का बनाया जाएगा। भविष्य में ट्रैफिक बढ़ने पर इसे 8 लेन तक विस्तार देने की संभावना रखी गई है। इस परियोजना के लिए करीब 997 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। जमीन अधिग्रहण के बदले किसानों को लगभग 1500 करोड़ रुपये मुआवजा दिए जाने का अनुमान है।
गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा नया कॉरिडोर
बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे करीब 594 किलोमीटर लंबा है, जो मेरठ से प्रयागराज तक प्रस्तावित है। यह प्रदेश के कई जिलों को जोड़ने वाली बड़ी परियोजना है। अब जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए गंगा एक्सप्रेसवे क्षेत्र को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना है। इससे सड़क नेटवर्क और मजबूत होगा।
इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
यह लिंक एक्सप्रेसवे खास तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ, नोएडा-NCR क्षेत्र के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा उद्योगों, लॉजिस्टिक पार्क और निवेश परियोजनाओं को भी फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

0 comments:
Post a Comment