यूपी में कमजोर मानसून की आहट! किसानों के लिए अलर्ट, 31 जुलाई तक फसल बीमा कराने की सलाह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कम बारिश के कारण खरीफ फसलों की बुवाई और उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। मौसम की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए खास सलाह जारी की है, जिसमें कम पानी वाली फसलों को अपनाने और फसल बीमा कराने पर जोर दिया गया है।

सामान्य से 56 फीसदी कम बारिश दर्ज

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अभी तक सामान्य के मुकाबले करीब 56 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इसका असर कई जिलों में खरीफ की खेती पर दिखाई देने लगा है। कमजोर मानसून और अल-निनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए किसानों को खेती की रणनीति में बदलाव करने की सलाह दी गई है।

31 जुलाई तक करा लें फसल बीमा

कृषि विभाग ने किसानों से कहा है कि वे मौसम की अनिश्चितता से होने वाले नुकसान से बचने के लिए 31 जुलाई 2026 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसलों का बीमा करा लें। इसके लिए किसानों को सिर्फ दो प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना होगा। फसल बीमा कराने से सूखा, कम बारिश या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल खराब होने पर आर्थिक मदद मिल सकती है।

धान की खेती में सावधानी की सलाह

विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि धान की खेती उन्हीं क्षेत्रों में करें जहां सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद हो। जिन इलाकों में बारिश पर खेती निर्भर है, वहां धान की जगह ऐसी फसलों को प्राथमिकता दें जिनमें कम पानी की जरूरत होती है। किसानों को श्री अन्न, मक्का, उर्द, मूंग, तिल और अरहर जैसी फसलों की खेती करने की सलाह दी गई है।

पानी बचाने के लिए अपनाएं नई तकनीक

कम बारिश की स्थिति में खेतों में पानी का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी है। कृषि विभाग ने किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीकों का उपयोग करने को कहा है। इसके अलावा सिंचाई सुबह के बजाय शाम या रात के समय करने की सलाह दी गई है, जिससे पानी की बचत हो सके। नाली और बेसिन विधि से सिंचाई करने पर भी जोर दिया गया है।

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