8वें वेतन आयोग से पहले पेंशनर्स की आवाज बुलंद, रिटायर कर्मचारियों ने रखीं ये 6 अहम मांगें

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि लाखों पेंशनर्स भी अपनी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। देशभर के रिटायर्ड कर्मचारियों और पेंशनभोगी संगठनों की ओर से पेंशन, महंगाई राहत और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कई मांगें सामने रखी गई हैं।  इन मांगों का मकसद रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को ज्यादा आर्थिक सुरक्षा देना है।

1. फुल पेंशन की गणना 50% से बढ़ाकर 67% करने की मांग

पेंशनर्स की सबसे बड़ी मांग पेंशन रिवीजन को लेकर है। वर्तमान व्यवस्था में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की पेंशन आमतौर पर अंतिम वेतन के करीब 50 फीसदी के आधार पर तय होती है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि इसे बढ़ाकर करीब 67 फीसदी किया जाए। इसके साथ ही कुछ संगठनों ने सुझाव दिया है कि 90 साल से अधिक उम्र वाले पेंशनर्स को 100 फीसदी पेंशन जैसी अतिरिक्त राहत दी जाए।

2. महंगाई राहत (DR) के फॉर्मूले में बदलाव

पेंशनर्स को मिलने वाली महंगाई राहत (Dearness Relief) को लेकर भी बदलाव की मांग की जा रही है। फिलहाल DR की गणना महंगाई के आंकड़ों और AICPI-IW जैसे इंडेक्स के आधार पर की जाती है। पेंशनर्स का कहना है कि मौजूदा फॉर्मूले में बदलाव कर ऐसा सिस्टम बनाया जाए जिससे महंगाई बढ़ने पर राहत ज्यादा प्रभावी तरीके से मिल सके।

3. ग्रेच्युटी सीमा ₹25 लाख से ₹75 लाख करने की मांग

रिटायर कर्मचारियों ने ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाने की मांग भी उठाई है। मौजूदा समय में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए अधिकतम ग्रेच्युटी सीमा करीब ₹25 लाख तक है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और लंबे समय तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को देखते हुए इसे बढ़ाकर ₹75 लाख किया जाना चाहिए।

4. पुरानी पेंशन योजना (OPS) फिर लागू करने की मांग

पुरानी पेंशन योजना यानी OPS की बहाली लंबे समय से कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में शामिल रही है। कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि नई पेंशन व्यवस्था की जगह पुरानी पेंशन व्यवस्था को दोबारा लागू किया जाए, जिसमें रिटायरमेंट के बाद निश्चित आय की सुरक्षा रहती है।

5. फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने और न्यूनतम पेंशन में बड़ा बदलाव

8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी काफी चर्चा है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। अब कर्मचारी संगठनों की ओर से 3.83 या 3.93 जैसे फिटमेंट फैक्टर की मांग सामने रखी गई है। इसके अलावा न्यूनतम वेतन और पेंशन को भी बढ़ाने की मांग की जा रही है।

6. कैशलेस इलाज और मेडिकल सुविधाओं का विस्तार

रिटायर कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं सबसे अहम मुद्दों में से एक हैं। पेंशनर्स की मांग है कि उन्हें ज्यादा बेहतर कैशलेस इलाज की सुविधा मिले। साथ ही CGHS (Central Government Health Scheme) का दायरा भी बढ़ाया जाए, ताकि ज्यादा संख्या में पेंशनर्स इसका लाभ उठा सकें।

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