उन्होंने कहा कि अगर किसी अधिकारी के पास जनता का कोई जरूरी काम लंबित है और उसे तय समय सीमा में पूरा नहीं किया जाता है, तो जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।
30 दिन में काम पूरा नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य आम लोगों को समय पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है। जनता को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि अगर किसी भी अफसर ने जनता के काम को 30 दिनों के भीतर पूरा नहीं किया, तो दोषी पाए जाने पर 31वें दिन उसे सस्पेंड कर दिया जाएगा।
हर महीने पंचायतों में लगेगी विकास की चौपाल
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को लेकर एक नई पहल की घोषणा की। अब हर महीने के आखिरी रविवार को प्रदेश की सभी पंचायतों में पंचायत विकास दिवस मनाया जाएगा।इस दौरान पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधि और स्थानीय अधिकारी एक साथ बैठकर गांव की समस्याओं पर चर्चा करेंगे। इसमें गरीबी कम करने, शिक्षा व्यवस्था सुधारने, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और बुजुर्गों की पेंशन जैसी योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।
पंचायतों के बजट में बढ़ोतरी, सोलर बिजली को बढ़ावा
बिहार की पंचायतों को विकास कार्यों के लिए पहले से ज्यादा आर्थिक ताकत देने की तैयारी है। सरकार की ओर से पंचायतों के बजट में बड़ी वृद्धि की गई है। वहीं, बिजली के क्षेत्र में भी सरकार नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत घरों में सोलर पैनल लगाने वाले परिवारों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

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