10 सदस्यीय समिति करेगी निगरानी
मुख्यमंत्री स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत गठित होने वाली समिति की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी करेंगे। इसमें प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग, शिक्षा विभाग और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। समिति अपने जिले के स्कूलों को चिन्हित कर वहां अग्निसुरक्षा से जुड़े इंतजामों की जांच करेगी। इसके तहत सरकारी, निजी स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जाएगा।
हर जिले में 200 स्कूलों की होगी जांच
योजना के तहत प्रत्येक जिले में करीब 200 स्कूलों को जांच के लिए चुना जाएगा। इनमें माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्कूलों के साथ निजी विद्यालय और महाविद्यालय भी शामिल होंगे। जांच के दौरान देखा जाएगा कि स्कूलों में अग्निशमन यंत्र, सुरक्षित निकासी मार्ग, आपातकालीन व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानक सही तरीके से लागू हैं या नहीं।
छात्रों और शिक्षकों को मिलेगा आपदा प्रशिक्षण
सरकार ने सिर्फ जांच तक सीमित न रहकर स्कूलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की भी योजना बनाई है। इसके तहत विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों को भी आपदा से निपटने की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में आग लगने पर बचाव के तरीके, प्राथमिक उपचार, अग्निशमन उपकरणों का इस्तेमाल, सुरक्षित स्थान की पहचान और आपात स्थिति में बाहर निकलने की प्रक्रिया समझाई जाएगी। इसके अलावा बाढ़, आंधी, तूफान और वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव की जानकारी भी छात्रों को दी जाएगी।

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