भारत की बड़ी कामयाबी! UPI पहुंचा यूरोप के एक और देश में

नई दिल्ली। भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब दुनिया के कई देशों में अपनी पहचान बना चुका है। इसी कड़ी में भारत को एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। फ्रांस के बाद अब यूरोप के एक और देश ग्रीस में भी UPI सेवा शुरू हो गई है। इससे विदेश जाने वाले भारतीयों और वहां रहने वाले लोगों के लिए डिजिटल भुगतान और आसान हो जाएगा।

ग्रीस में डिजिटल भुगतान

नई व्यवस्था के बाद योग्य ग्राहक ग्रीस में UPI के जरिए तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से पैसे का लेनदेन कर सकेंगे। इससे अंतरराष्ट्रीय भुगतान की प्रक्रिया पहले के मुकाबले सरल होगी। आमतौर पर विदेशों में पेमेंट के लिए कार्ड या अन्य बैंकिंग माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें कई बार ज्यादा शुल्क और समय लगता है। UPI आने से कम लागत में तुरंत भुगतान की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

यूरोप में बढ़ रहा UPI का विस्तार

भारत का यह डिजिटल सिस्टम अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं रह गया है। इससे पहले कई देशों ने UPI को अपनाया है। इनमें सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया और सेशेल्स जैसे देश शामिल हैं। ग्रीस में शुरुआत के बाद भारत की डिजिटल भुगतान तकनीक की पहुंच और मजबूत हुई है।

भारत की तकनीक पर दुनिया का भरोसा

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ग्रीस में UPI सेवा शुरू होने को भारत के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया में भारतीय डिजिटल समाधानों को मिल रही स्वीकृति यह दिखाती है कि तकनीक के क्षेत्र में भारत की क्षमता को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है। उन्होंने इस कदम को दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ाने वाला बताया।

ग्रीस के साथ व्यापार और निवेश पर भी जोर

ग्रीस दौरे के दौरान भारत और ग्रीस के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। भारतीय कंपनियों और ग्रीक कंपनियों के बीच निवेश और कारोबार के नए अवसरों पर बातचीत की गई। मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।

ग्रीस में यूरोबैंक के साथ शुरू हुई यह UPI सुविधा

ग्रीस में UPI सेवा का प्रदर्शन एथेंस स्थित यूरोबैंक मुख्यालय में किया गया। यह पहल नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और यूरोबैंक की साझेदारी के तहत आगे बढ़ी है। इससे साफ है कि भारत का डिजिटल पेमेंट मॉडल अब वैश्विक स्तर पर अपनी जगह बना रहा है।

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