इस फैसले के बाद शहर में वर्षों से अटकी रिंग रोड योजना के आगे बढ़ने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। माना जा रहा है कि रिंग रोड बनने से शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा और लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।
क्यों जरूरी है रिंग रोड परियोजना?
शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए रिंग रोड की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। बाहर से आने वाले भारी वाहनों के कारण कई इलाकों में जाम की स्थिति बनती है। रिंग रोड बनने के बाद शहर के अंदर आने वाले वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात ज्यादा सुचारू हो सकेगा।
केंद्र और राज्य सरकार के बीच अंशदान
इस परियोजना में सबसे बड़ी अड़चन जमीन अधिग्रहण और निर्माण लागत को लेकर थी। बताया गया कि केंद्र सरकार निर्माण और जमीन अधिग्रहण में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने को तैयार थी। वहीं, राज्य सरकार से भी जमीन अधिग्रहण के खर्च में 50 प्रतिशत योगदान की मांग की गई थी। इसी कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही थी।
मुख्यमंत्री की मंजूरी से अब जगी उम्मीद
सांसद की ओर से बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में रिंग रोड निर्माण के लिए केंद्र सरकार को एनओसी देने पर सहमति दी है। इसके बाद अब परियोजना के दोबारा शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
इस रिंग रोड से शहर को मिलेंगे कई फायदे
रिंग रोड बनने से सिर्फ जाम की समस्या कम नहीं होगी, बल्कि शहर में विकास की रफ्तार भी बढ़ेगी। इससे व्यापार, परिवहन और आवागमन को फायदा मिलेगा। साथ ही शहर के आसपास के क्षेत्रों में भी विकास की नई संभावनाएं बन सकती हैं।

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