बिहार के छात्रों के लिए 4 बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दी सौगात

पटना। बिहार में स्नातक की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब छात्र सिर्फ डिग्री लेने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पढ़ाई के दौरान ही इंडस्ट्री में काम करने का अनुभव भी हासिल कर सकेंगे। इसके लिए राज्य में चार वर्षीय अंडर ग्रेजुएट अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

चार साल के कोर्स में जुड़ेगा नया प्रोग्राम

यह प्रोग्राम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के आधार पर तैयार किया जा रहा है। चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में छात्रों की पढ़ाई को दो हिस्सों में बांटने की योजना है। करीब 75 प्रतिशत हिस्सा पारंपरिक अकादमिक पढ़ाई पर आधारित होगा। लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा इंडस्ट्री आधारित ट्रेनिंग और अप्रेंटिसशिप के लिए रखा जाएगा। इससे छात्रों को थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी मिलेगा।

तीसरे वर्ष में करनी होगी अप्रेंटिसशिप

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि स्नातक के तीसरे वर्ष में अप्रेंटिसशिप अनिवार्य करने की तैयारी है। इस दौरान विद्यार्थी कंपनियों और संस्थानों के साथ काम करेंगे और अपने विषय से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव हासिल करेंगे। अप्रेंटिसशिप के दौरान छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा और इसके अंक डिग्री में भी जोड़े जाएंगे।

हर महीने मिलेगा ₹12,300 स्टाइपेंड

सरकार की इस पहल में छात्रों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। अप्रेंटिसशिप करने वाले विद्यार्थियों को हर महीने 12,300 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा। इससे छात्र पढ़ाई के साथ अनुभव और कमाई दोनों कर पाएंगे। खासतौर पर ऐसे विद्यार्थियों को फायदा होगा जो पढ़ाई के साथ अपने करियर की तैयारी करना चाहते हैं।

चार विश्वविद्यालयों से होगी शुरुआत

इस योजना को शुरुआती चरण में बिहार के चार विश्वविद्यालयों में लागू करने की तैयारी है। इनमें शामिल हैं पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय। आने वाले समय में इसे राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में भी लागू करने की योजना है।

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