होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे भारतीय एलपीजी जहाज
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जानकारी दी कि भारत के 12 एलपीजी जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुके हैं। यह रास्ता दुनियाभर में ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हाल के महीनों में यहां तनाव बढ़ने के कारण कई देशों की ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई थी। सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए पहले से तैयारी शुरू कर दी थी ताकि देश में रसोई गैस की कमी न हो और आम लोगों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
रिफाइनरियों में बढ़ाया गया एलपीजी उत्पादन
ऊर्जा संकट से निपटने के लिए सरकार ने देश की रिफाइनरियों में तेजी से बदलाव किए। जिन प्लांटों में पहले एलपीजी का उत्पादन नहीं होता था, वहां भी उत्पादन शुरू करने और क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए गए। इन बदलावों का असर यह हुआ कि देश में एलपीजी उत्पादन लगभग 35 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़कर करीब 54 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन तक पहुंच गया। यानी उत्पादन क्षमता में करीब 54 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
कई देशों से मजबूत की गई सप्लाई चेन
सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए आयात के विकल्प बढ़ाए। भारत ने अलग-अलग देशों से गैस सप्लाई के नए रास्ते तैयार किए ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो सके। इसके तहत अल्जीरिया, जापान और कनाडा जैसे देशों के साथ सप्लाई व्यवस्था को मजबूत किया गया। इसके अलावा अमेरिका से भी अतिरिक्त एलपीजी खेप मंगाई गई, जिससे घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली।
कालाबाजारी रोकने के लिए उठाए गए कदम
एलपीजी की सप्लाई व्यवस्था में गड़बड़ी और कालाबाजारी रोकने के लिए डिजिटल सत्यापन व्यवस्था को भी मजबूत किया गया। इसके तहत डिलीवरी और वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल ऑथेंटिकेशन कोड जैसी व्यवस्था लागू की गई। इसके अलावा सरकार ने ईंधन कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए मार्च में पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती जैसे कदम भी उठाए थे।
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