यूपी सरकार की नई नीति तय, इन महिलाओं को मिलेगी बड़ी राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में एसिड हमले से प्रभावित महिलाओं को बेहतर सहायता, सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नई नीति को मंजूरी दी गई है।

सरकार ने ‘एसिड अटैक सर्वाइवर की समग्र सहायता एवं पुनर्वास नीति-2026’ को स्वीकृति दी है। इस नीति के तहत पीड़िताओं को सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि इलाज, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक पुनर्वास जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

पीड़िताओं को मिलेगी व्यापक सहायता

सरकार का कहना है कि एसिड अटैक एक गंभीर अपराध है, जिसका असर पीड़ित के पूरे जीवन पर पड़ता है। हमले के बाद कई महिलाओं को शारीरिक परेशानी, मानसिक तनाव, सामाजिक चुनौतियों और आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नई नीति के जरिए ऐसी महिलाओं को लंबे समय तक सहायता देने की व्यवस्था की जाएगी।

मुआवजे और आर्थिक मदद में होगा सुधार

नई नीति में एसिड अटैक पीड़िताओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता को मजबूत करने का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि पीड़ित महिलाओं को इलाज और जीवन की जरूरतों के लिए आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा दीर्घकालिक आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे वे अपने जीवन को दोबारा व्यवस्थित कर सकें।

बेहतर इलाज और मानसिक सहायता पर जोर

एसिड अटैक के बाद पीड़िताओं को लंबे समय तक इलाज की जरूरत होती है। नई नीति में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा और जरूरी उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके साथ ही मानसिक तनाव से बाहर निकलने के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श की सुविधा भी दी जाएगी।

इनके लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे

सरकार की योजना है कि एसिड अटैक पीड़िताओं को शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ा जाए। इससे वे अपनी क्षमता के अनुसार रोजगार या स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी। नीति के तहत रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

कानूनी मदद और सामाजिक पुनर्वास की व्यवस्था भी

नई नीति में पीड़िताओं को कानूनी सहायता देने और समाज में दोबारा सम्मान के साथ स्थापित करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि एसिड अटैक सर्वाइवर सिर्फ सहायता पाने वाली नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन जीने वाली बनें।

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