DA और DR क्या होता है?
महंगाई भत्ता यानी DA केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दिया जाता है, जबकि महंगाई राहत यानी DR पेंशनर्स के लिए होती है। इन दोनों का उद्देश्य बढ़ती महंगाई से राहत देना होता है। DA और DR में समय-समय पर बदलाव किया जाता है। यह आमतौर पर महंगाई के आंकड़ों और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर तय होता है।
सैलरी बढ़ोतरी में फिटमेंट फैक्टर
8वें वेतन आयोग में सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। यही वह गुणक है, जिसके आधार पर नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। इसके बाद न्यूनतम बेसिक पे 7 हजार रुपये से बढ़कर 18 हजार रुपये हो गई थी। अब कर्मचारी संगठन नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अगर इसमें बड़ा बदलाव होता है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में महत्वपूर्ण अंतर आ सकता है।
3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग क्यों?
कई कर्मचारी संगठनों की ओर से 8वें वेतन आयोग के लिए ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी गई है। उनका कहना है कि मौजूदा महंगाई और खर्चों को देखते हुए वेतन में बड़ा सुधार जरूरी है। अगर सरकार कर्मचारियों की मांग के अनुसार ज्यादा फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देती है तो बेसिक पे में बढ़ोतरी के साथ अन्य भत्तों पर भी असर पड़ सकता है।
DA, HRA और अन्य भत्तों पर पड़ेगा प्रभाव
बेसिक सैलरी में बदलाव होने के बाद महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य सुविधाओं की गणना भी बदल सकती है। इसी वजह से कर्मचारी फिटमेंट फैक्टर को सबसे अहम मान रहे हैं। हालांकि अंतिम फैसला सरकार की ओर से 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
पेंशनर्स के लिए भी महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद
8वें वेतन आयोग का असर सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पेंशनर्स के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। DR और पेंशन की गणना में नए बदलावों का असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें आयोग की रिपोर्ट और सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।

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