खेल शिक्षा से जुड़े नए पाठ्यक्रम शुरू
इस सत्र से विश्वविद्यालय में बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (बीपीईएस), बीएससी योग और एमएससी योग जैसे कोर्स में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में पीजी डिप्लोमा कोर्स भी शुरू किया गया है। इन पाठ्यक्रमों के जरिए छात्रों को खेल, फिटनेस, योग और खेल पत्रकारिता जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
कई खेलों में पीजी डिप्लोमा की सुविधा
विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कोचिंग के तहत एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, हॉकी, कबड्डी, कुश्ती और योग जैसे खेलों में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा शुरू किया जा रहा है। इन कोर्सों का मकसद युवाओं को सिर्फ सैद्धांतिक जानकारी नहीं बल्कि मैदान से जुड़ा व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है, ताकि वे खेल जगत में बेहतर भविष्य बना सकें।
खिलाड़ियों के लिए विशेष आरक्षण
मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी विशेष सुविधा दी है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को सीधे प्रवेश का लाभ मिलेगा। ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, विश्व चैंपियनशिप समेत बड़ी प्रतियोगिताओं में उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए कुल सीटों में अतिरिक्त 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखी जाएंगी।
फिटनेस टेस्ट के आधार पर मिलेगा प्रवेश
विश्वविद्यालय में दाखिले की प्रक्रिया में फिटनेस टेस्ट को भी अहम माना गया है। 12वीं के अंकों और फिटनेस टेस्ट के प्रदर्शन के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी। कुल 12 पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिसमें स्नातक, परास्नातक और डिप्लोमा कोर्स शामिल हैं।
यूपी को खेल हब बनाने की दिशा में कदम
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इन नए पाठ्यक्रमों का उद्देश्य खिलाड़ियों का सर्वांगीण विकास करना है। सरकार और विश्वविद्यालय की कोशिश है कि उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल किया जाए और युवाओं को खेल क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराया जाए।

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