मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि इस योजना का मुख्य लक्ष्य गरीब और आम उपभोक्ताओं को सस्ती, आसान और लगातार बिजली की सुविधा देना है। उन्होंने बताया कि बिहार को सोलर ऊर्जा से जोड़ने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
ज्यादा बिजली बनाने वालों को मिलेगा फायदा
सरकार की योजना के अनुसार जिन घरों में लगे सोलर पैनल से 125 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन होगा, वहां अतिरिक्त बिजली को सरकार खरीदेगी। इससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आय का लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग को ऐसी तकनीकी व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिससे जरूरत से ज्यादा बिजली बनने पर उसे अपने आप खरीदा जा सके और उसकी राशि सीधे उपभोक्ताओं के बैंक खाते में पहुंच जाए।
1512 करोड़ रुपये की योजना की शुरुआत
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1512 करोड़ रुपये की लागत से ढाई लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुंगेर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और नालंदा जिले के लाभार्थियों से बातचीत भी की। इसके साथ ही ऊर्जा क्षेत्र की कई विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।
बिहार में 25 लाख परिवारों तक पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार के एक साल का कार्यकाल पूरा होने तक ढाई लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य पूरा किया जाए। वहीं केंद्र सरकार की ओर से भी बिहार के लाखों घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की योजना आने वाले समय में राज्य के 25 लाख परिवारों तक मुफ्त बिजली योजना का लाभ पहुंचाने की है।

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