यूपी के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! नलकूप बिजली कनेक्शन की नई व्यवस्था लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने निजी नलकूपों के बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। ऊर्जा विभाग के निर्देशों के बाद अब कनेक्शन के दौरान उपयोग होने वाली निर्माण सामग्री की उपलब्धता और उसके प्रबंधन को लेकर स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। इससे किसानों को अनावश्यक देरी और असुविधा से राहत मिलने की उम्मीद है।

अब निर्माण सामग्री की किट एक साथ उपलब्ध होगी

नई व्यवस्था के तहत निजी नलकूप बिजली कनेक्शन के लिए आवश्यक निर्माण सामग्री को अलग-अलग उपलब्ध कराने के बजाय एक संपूर्ण किट के रूप में उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे सामग्री की कमी के कारण कनेक्शन प्रक्रिया में होने वाली देरी कम होगी और कार्य तेजी से पूरा किया जा सकेगा।

किसानों पर नहीं डाला जाएगा अतिरिक्त बोझ

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन निर्माण सामग्रियों की आपूर्ति बिजली निगम की ओर से नहीं की जाएगी, उनकी कीमत किसानों से धन-मांग पत्र के माध्यम से नहीं वसूली जाएगी। हालांकि इन सामग्रियों का विवरण और अनुमानित लागत प्राक्कलन में दर्ज रहेगी, ताकि किसानों को पूरी जानकारी पहले से मिल सके।

किसान स्वयं करा सकेंगे सामग्री की व्यवस्था

नई व्यवस्था के अनुसार यदि कोई किसान चाहे तो आवश्यक निर्माण सामग्री अपनी लागत पर अधिकृत लाइन निर्माण एजेंसी के माध्यम से उपलब्ध करा सकता है। इससे किसानों को विकल्प मिलेगा और कनेक्शन प्रक्रिया में अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

गुणवत्ता की होगी तकनीकी जांच

यदि किसान स्वयं सामग्री उपलब्ध कराते हैं, तब भी बिजली विभाग कनेक्शन जारी करने से पहले सभी सामग्रियों की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की जांच करेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिजली लाइन और कनेक्शन पूरी तरह सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।

समय पर कनेक्शन देने पर जोर

ऊर्जा विभाग ने सभी वितरण कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि लाइन निर्माण के दौरान पोल, स्टे, ग्राउटिंग और अन्य निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुसार ही किए जाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सामग्री की कमी के कारण किसानों को लंबे समय तक कनेक्शन का इंतजार न करना पड़े।

किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

नई व्यवस्था लागू होने से निजी नलकूपों के बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित होने की उम्मीद है। इससे सिंचाई के लिए बिजली कनेक्शन लेने वाले किसानों को सुविधा मिलेगी, जबकि विभाग के लिए भी कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता बनाए रखना आसान होगा।

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