इन्हे मिलेगा एरियर
कोर्ट के निर्देशों के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसका लाभ केवल उन शिक्षकों को मिलेगा, जिन्हें विभाग की ओर से प्रधानाध्यापक का कार्य करने के लिए अधिकृत किया गया था और जिन्होंने इस संबंध में न्यायालय का रुख अपनाया है। यदि जांच में यह पाया जाता है कि संबंधित शिक्षक वास्तव में प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य कर रहे थे और उन्होंने निर्धारित शर्तें पूरी की हैं, तो उन्हें याचिका दायर करने की तिथि से अधिकतम तीन वर्ष का बकाया वेतन दिया जाएगा।
जांच के बाद मिलेगा लाभ
बकाया वेतन जारी करने से पहले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित शिक्षक ने सहायक अध्यापक के रूप में आवश्यक अनुभव पूरा किया है या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि वह वास्तव में प्रधानाध्यापक के दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। सभी शर्तें पूरी होने पर ही एरियर का भुगतान किया जाएगा।
तबादला आवेदन के लिए बढ़ी समय सीमा
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अंतरजनपदीय तबादले के लिए आवेदन करने से रह गए शिक्षकों को भी राहत दी है। न्यायालय ने आवेदन की अंतिम तिथि में दो सप्ताह की अतिरिक्त बढ़ोतरी करने का निर्देश दिया है। इससे वे शिक्षक भी आवेदन कर सकेंगे, जो पूर्व में निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं कर पाए थे।
पति-पत्नी शिक्षक होने वाले मामलों को राहत
यह राहत विशेष रूप से उन मामलों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां पति और पत्नी दोनों बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत हैं। शासनादेश में जारी स्पष्टीकरण के कारण कई शिक्षक समय पर आवेदन नहीं कर सके थे। अब बढ़ी हुई समय सीमा के कारण ऐसे पात्र शिक्षकों को भी स्थानांतरण के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा।

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