10 से कम कर्मचारियों वाली दुकानों को राहत
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार अब केवल उन दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का पंजीकरण अनिवार्य होगा, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत होंगे। इसका मतलब है कि जिन छोटे दुकानदारों के यहां 10 से कम कर्मचारी हैं, उन्हें पहले की तरह अनिवार्य पंजीकरण की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
शहर ही नहीं, गांवों में भी लागू होगी नई व्यवस्था
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नया नियम केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। ग्रामीण इलाकों में भी यदि किसी दुकान या प्रतिष्ठान में 10 या उससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं, तो उसका पंजीकरण आवश्यक होगा। इससे पूरे बिहार में एक समान व्यवस्था लागू होगी।
इस नई व्यवस्था से कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल कारोबारियों को राहत देना नहीं है, बल्कि कर्मचारियों के हितों को भी मजबूत करना है। पंजीकृत प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों को ईएसआईसी और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता आसान होगा। दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में भी सुविधा मिलेगी।
बिहार में पुराने कानून की जगह आएगा नया प्रावधान
बिहार सरकार पुराने दुकान एवं प्रतिष्ठान कानून को समाप्त कर केंद्र सरकार के नए श्रम कानूनों के अनुरूप व्यवस्था लागू करना चाहती है। इसी उद्देश्य से नया विधेयक विधानसभा में लाया गया है। विधायी प्रक्रिया पूरी होने और राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद यह नया कानून प्रभावी होगा।
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