बिहार सरकार के 10 बड़े फैसले, सभी जिलों में होंगे लागू

पटना। बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में राज्य के प्रशासन, कानून व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें अपराध नियंत्रण कानून को और प्रभावी बनाने से लेकर उच्च शिक्षा के विस्तार तक कई अहम फैसले शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन निर्णयों का प्रभाव पूरे राज्य में देखने को मिलेगा।

पेपर लीक पर भी सख्ती

सरकार ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक जैसे मामलों को भी अपराध नियंत्रण कानून के दायरे में लाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखना तथा ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

शिक्षा क्षेत्र को भी मिली नई दिशा

कैबिनेट बैठक में शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इंजीनियरिंग शिक्षा से संबंधित कानून में संशोधन के साथ-साथ नए उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना का रास्ता भी साफ किया गया। इससे राज्य में तकनीकी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी

बैठक में विशिष्ट विश्वविद्यालय से जुड़े विधेयक को स्वीकृति देने के साथ मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों को राज्य में ही बेहतर तकनीकी शिक्षा के अवसर मिलेंगे।

अपराध नियंत्रण कानून में होगा संशोधन

कैबिनेट ने बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2024 में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। सरकार का उद्देश्य बदलते समय के अनुसार कानून को अधिक प्रभावी बनाना है, ताकि साइबर और डिजिटल माध्यम से होने वाले अपराधों पर भी सख्ती से कार्रवाई की जा सके।

साइबर और संगठित अपराधों पर फोकस

राज्य सरकार का मानना है कि अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। इसी कारण साइबर अपराध, डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग और संगठित अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कानून को मजबूत किया जा रहा है। इससे जांच एजेंसियों और पुलिस को कार्रवाई में अधिक कानूनी मजबूती मिलेगी।

सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा पर होगी कार्रवाई

प्रस्तावित संशोधन के तहत सोशल मीडिया या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गाली-गलौज, अभद्र भाषा या किसी व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाले लोगों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई का रास्ता तैयार किया गया है। नए प्रावधान लागू होने के बाद ऐसे मामलों में संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।

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